Friday, July 20, 2012

विंडोज-8 लांच होगा 26 अक्तूबर को

windows 8 releases 26 octoberदिग्गज सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अगली पीढ़ी के ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज-8 को 26 अक्तूबर को लांच करने की घोषणा की है। कंपनी ने लोगों की पसंद को ध्यान में रखकर इस ऑपरेटिंग सिस्टम को तैयार किया है।

लोगों में पिछले कुछ सालों में पर्सनल कंप्यूटर की बजाय टैबलेट और स्मार्टफोन ज्यादा पॉपुलर हुआ है। माइक्रोसॉफ्ट के प्रबंधक (संचार) ब्रांडोन ली ब्लांक ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज विभाग के प्रमुख स्टीवन सिनोफस्काई ने विंडोज-8 पेश किए जाने की तारीख की घोषणा एक बैठक में की। इसे 26 अक्तूबर को दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।

ली ब्लांक ने बताया कि विंडोज-8 दुनिया के 231 बाजारों में 109 भाषाओं के साथ उपलब्ध होगा। माइक्रोसॉफ्ट चीफ स्टीव बॉलमेर ने उम्मीद जताई कि यह पिछले 17 सालों की कंपनी की सबसे बड़ी डील होगी। कंपनी ने जून में विंडोज-8 का प्रिव्यू लांच किया था। विंडोज-8 में माइक्रोसॉफ्ट के इंटरनेट एक्सप्लोरर 10 को शामिल किया गया है।

इससे पहले कंपनी ने विंडोज-7 को अक्‍तूबर 2009 में लांच किया था। माइक्रोसॉफ्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक विंडोज-7 की 63 करोड़ यूनिट बेची जा चुकी है। माइक्रोसॉफ्ट के नए ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग टच, स्मार्टफोन और टैबलेट पीसी के साथ डेस्कटाप और लैपटाप में भी किया जा सकता है।


एनडी तिवारी की डीएनए रिपोर्ट होगी सार्वजनिक: हाईकोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नारायण दत्त तिवारी के खून की जांच से जुड़ी डीएनए रिपोर्ट गोपनीय रखने और उनके खिलाफ दाखिल पितृत्व मामले की सुनवाई बंद कमरे में कराने का उनका अनुरोध ठुकरा दिया।
न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल ने नारायण दत्त तिवारी की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि गोपनीयता बरतने संबंधी उच्चतम न्यायालय का 24 मई का आदेश डीएनए जांच के लिए खून का नमूना लेने और उच्च न्यायालय को रिपोर्ट देने के मकसद से था।
न्यायमूर्ति खेत्रपाल ने कहा कि आप उच्चतम न्यायालय के आदेश का गलत मतलब नहीं निकाल सकते। डीएनए जांच के लिहाज से रक्त का नमूना लेने के उद्देश्य से यह आदेश था। उन्होंने डीएनए रिपोर्ट खोलने के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की। 87 वर्षीय तिवारी ने अपने आवेदन में दावा किया था कि शीर्ष अदालत के आदेश में पितृत्व मामले की सुनवाई पूरी होने तक डीएनए रिपोर्ट गोपनीय रखने के लिए कहा गया था।
तिवारी ने अपने आवेदन में कहा था कि सभी संबंधित पक्षों को उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्देशों का पालन करने के लिए कहा जाए। डीएनए रिपोर्ट पूरी तरह सीलबंद होनी चाहिए और पूरा मुकदमा होने तक या मुकदमे में उचित स्तर तक गोपनीयता बरकरार रखी जाए। तिवारी ने 29 मई को डीएनए जांच के लिए खून का नमूना अपने देहरादून स्थित आवास पर दिया था। उन्हें उच्चतम न्यायालय के एक आदेश के बाद नमूना देना पड़ा।